“गुरुकुल डोरली”
१९२४ में रक्षा बंधन के दिन स्थापित, भारत के स्वतंत्रता समर में गुरुकुल डोरली (मेरठ) का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है इस संस्था ने २५ से भी अधिक स्वतंत्रता सेनानी दिए | एक समय ऐसा भी आया जब छात्र ,प्रबंधक ओर आचार्य सभी क्रन्तिकारी गतिविधियों में संलिप्त हों गए ,संस्था अंग्रेजो ने प्रतिबंधित कर दी | ये संस्था क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक ओर सांस्कृतिक धरोहर है | महान क्रांति कारी चन्द्र शेखर आजाद के भी पवित्र चरण एक रात्रि के लिए यहाँ पड़े |
१९२४ में रक्षा बंधन के दिन स्थापित, भारत के स्वतंत्रता समर में गुरुकुल डोरली (मेरठ) का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान है इस संस्था ने २५ से भी अधिक स्वतंत्रता सेनानी दिए | एक समय ऐसा भी आया जब छात्र ,प्रबंधक ओर आचार्य सभी क्रन्तिकारी गतिविधियों में संलिप्त हों गए ,संस्था अंग्रेजो ने प्रतिबंधित कर दी | ये संस्था क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक ओर सांस्कृतिक धरोहर है | महान क्रांति कारी चन्द्र शेखर आजाद के भी पवित्र चरण एक रात्रि के लिए यहाँ पड़े |
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